बरसात में क्यों भीगती हो ,
दूर दूर से देखकर रीझती हो ,
नहीं देखता तो पसीजती हो ,
पास आता हूँ तो खीजती हो ,
बातेंकरूँ तो नयन मुंदती हो ,
दूर जाऊं तो बाल खींचती हो ,
आज तो फ्रेंडशिप डे है ,
फिर क्यों ना चीखती हो ।
Saturday, July 31, 2010
Tuesday, March 10, 2009
होली फोबिया
सालियाँ ,सलहज ,भाबियाँ
सब मुझसे चिपट गईं
रंग व गुलाल के बदले
लिपस्टिक और सिन्दूर
गालों पर रगड़ गयीं
बजाय कुछ पिलाने के
लोटा खाली कर गईं
सारी लस्सी ख़ुद पीकर
मुंह में निप्पल लगाकर हमारे
ख़ुद वहाँ से चली गईं
कार्नर को इजहार होली का ,
करके सबने एका
होली खेलने का
ले लिया ठेका
फाड़ दिए सब वस्त्र मेरे
बच्चा रहा केवल लंगोटा
खेल रहा होली ससुराल में
बनकर मैं
भैंसा बुग्गी का झोटा .
सब मुझसे चिपट गईं
रंग व गुलाल के बदले
लिपस्टिक और सिन्दूर
गालों पर रगड़ गयीं
बजाय कुछ पिलाने के
लोटा खाली कर गईं
सारी लस्सी ख़ुद पीकर
मुंह में निप्पल लगाकर हमारे
ख़ुद वहाँ से चली गईं
कार्नर को इजहार होली का ,
करके सबने एका
होली खेलने का
ले लिया ठेका
फाड़ दिए सब वस्त्र मेरे
बच्चा रहा केवल लंगोटा
खेल रहा होली ससुराल में
बनकर मैं
भैंसा बुग्गी का झोटा .
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