Monday, August 2, 2010

चुटकुला

एक आदमी की इच्छा थी की उसके पास भी एक छोटी मोटीकार हो तो खूब घूमा फिरेगा ,ऐश करेगा ,तो वो एक ज्योतिषी के पास गया बोला बाबा मुझे एक कार चाहिए ,बताओ मैं क्या करूँ किसकी पूजा करूँ ,पंडितजी ,बोले भाई गणपति ही ऐसे हैं जो सबकी इच्छा पूर्ण कर देते हैं ,तो उसने उनकी पूजा करनी शुरू कर दी ,एक दिन अचानक गणेश जी प्रकट हो गए बोले बच्चा मैं तेरी अराधना से खुश हुआ बोल क्या चाहिए ,
वो बोले गणेश जी मुझे ज्यादा कुछ नहीं बस एक वाहन दिला दो ,तो गणेश जी बोले ,बताओ कौन सा वाहन चाहिए बच्चा ,वो बोला एक कार दिला दो ,गणेश जी बोले बेटा अगर मेरे बस में ये सब होता तो मैं खुद ही क्यों इस चूहे पे बैठके घूमता ,

Saturday, July 31, 2010

आज फ्रेंडशिप डे है

बरसात में क्यों भीगती हो ,
दूर दूर से देखकर रीझती हो ,
नहीं देखता तो पसीजती हो ,
पास आता हूँ तो खीजती हो ,
बातेंकरूँ तो नयन मुंदती हो ,
दूर जाऊं तो बाल खींचती हो ,
आज तो फ्रेंडशिप डे है ,
फिर क्यों ना चीखती हो ।

Tuesday, March 10, 2009

होली फोबिया

सालियाँ ,सलहज ,भाबियाँ
सब मुझसे चिपट गईं
रंग व गुलाल के बदले
लिपस्टिक और सिन्दूर
गालों पर रगड़ गयीं
बजाय कुछ पिलाने के
लोटा खाली कर गईं
सारी लस्सी ख़ुद पीकर
मुंह में निप्पल लगाकर हमारे
ख़ुद वहाँ से चली गईं
कार्नर को इजहार होली का ,
करके सबने एका
होली खेलने का
ले लिया ठेका
फाड़ दिए सब वस्त्र मेरे
बच्चा रहा केवल लंगोटा
खेल रहा होली ससुराल में
बनकर मैं
भैंसा बुग्गी का झोटा .