Tuesday, October 9, 2018




एक बात  याद रखना मगरूरो 
उसके पास कोई लाठी नहीं होती
परन्तु जब उसकी पड़ती है तो
छटी का  दूध  याद दिला देती है





Tuesday, January 16, 2018

E V M

पत्नी हो तो ऐसी
ई  वी एम् जैसी,
दूसरों का माल
खसम घर लाये ,
खसम भी माल
चुप चापं खा जाए 
म्हणत करे बीबी
श्रेय खुद ले जाए ,

Tuesday, August 8, 2017

इश्क़ करने वाले कभी अश्क़ नहीं बहाया करते
मुहब्बत परवान नहीं चढ़ती तो जान दे देते हैं | 

Sunday, August 6, 2017

" ज़िस राजा के राज्य में प्रजा खुश या सुरक्षित नहीं होती उस राजा का भविष्य कभी भी अच्छा नहीं होता "

Thursday, August 3, 2017

M C D CHUNAW MAHARASHTRA

महाराष्ट्र में जहाँ मोदी जी की सर्कार हैं वहां पर एम् सी डी  की २७ सीटों पर चुनाव हुआ और भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली ,जानते हो क्योँ ,क्योँकि वहां पर वोटिंग के लिए E V M , मशीन नहीं थी ,चुल्लू भर पानी में डूब कर मरने जैसी हालत हो गई मोदी जी एवं अमित शाह जी की | 

Wednesday, August 2, 2017

JETLI JI NE KAHA KI G S T KA KOI FRK NAHIN PADA DESH KI ARTHVYVSTHA PAR




वित्त मंत्री जी ने ३१ जुलाई को संसद में भाषण   दिया कि नोटबंदी और  जी एस टी का देश की अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योँकि जुलाई माह में सबसे अधिक गाड़ियां बिकी  यानी कि पिछले महीनो की तुलना में २४ %  अधिक।
परन्तु जेटली जी ने ये नहीं बताया कि अधिक  गाड़ियां क्योँ बिकी
अब ये मै  आपको बताता हूँ क्योँकि ७ से२५ लाख रूपये तक की गाड़ियों पर १ लाख से लेकर ५ लाख तक की छूट कार कम्पनी दे  रही  थी ,
प्रारम्भिक भुगतान ०% से लाख ५० हजार मात्र था जिसे कोई भी आसानी से दे सकता है
 ७ साल तक के लिए E M I ६% ब्याज की दर पर थी
कलर का कोई चार्जेज नहीं था ,
कुछ एस्सेसरीज फ्री में दे रहे थे
५ साल तक की फ्री वारंटी दे रहे थे
३ से ५ फ्री सर्विस दे रहे थे
३० लीटर पेट्रोल ,डीज़ल फ्री दे रहे थे
 कोई फाइल चार्ज नहीं ले रहे थे
ये सभी उपरोक्त कारण थे क्योँकि उन्होंने स्टॉक भी निल करना था क्योँकि उनसे कहा गया था कि उनको बैक लोग टैक्स नहीं दिया जाएगा
यदि वित्त मंत्री जी अगस्त माह में उतनी ही बिक्री दिखा दें तो हम भी मान लेंगे की नोटबंदी और जी एस टी का अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ा | 

TAX JYADA TO CURRUPTION BHI JYADA

टैक्स रेशो ज्यादा होने से भ्र्ष्टाचार बढ़ेगा

जिस देश के वित्त मंत्री और प्रधान मंत्री को इतनी समझ भी ना हो की जिस देश में बहुत अधिक टैक्स होते हैं वहां पर भ्र्ष्टाचार बहुत होतें हैं क्योँकि ज्यादा टैक्स का वितरण करने में ना तो सरकार  नाहीं सरकारी अफसर को और नाहीं व्यापारी को ,कोई परेशानी नहीं होती क्योँकि सब मिल बांटकर अपना अपना हिस्सा ले लेते हैं और काम वैसे ही चलता रहता है जैसे की पहले चलता था ,
हाँ यदि टैक्स थोड़ा हो जैसे कि पहले था ५ % तो उसकों ये तीनो किस प्रकार बांटते ,इसलिए भ्र्ष्टाचार अब से पहले काम था क्योँकि एक कहावत है जब कुछ है ही नहीं तो "क्या नंगा नहायेगा और क्या निचोड़ेगा
तो आदरणीय वित्त मंत्री जी इन टैक्सेज को कम करिये ताकि भ्र्ष्टाचार न हों और फिर सरकार को रेवेन्यू भी बहुत मिलेगा ,
अब आप बहार के देशों को देखिये वहां पर भ्र्ष्टाचार बहुत कम है क्योँकि वहां पर टैक्सेज कम  हैं